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सलाखों के पीछे पहुंचे 16 घंटे में अपराधी

सलाखों के पीछे पहुंचे 16 घंटे में अपराधी

सिंदरी। विगत 16 तारीख को सुबह में रंजीत रवानी पिता अशोक रवानी पता कुसमाटॉड, बलियापुर अपने पत्नी के साथ धनुवाडीह ओपी आये तथा बताये कि बीती रात को छलछलीया धौडा से तिलक समारोह में शामिल होकर अपने घर बलियापुर की तरफ जा रहे थे। उसी क्रम में उनका पिछा एक काला रंग का स्पलेण्डर पर सवार 03 लोगो के द्वारा किया जाने लगा। पिछा करने के क्रम में उक्त तीनों लोगो के द्वारा रंजीत रवानी का बाइक को धनुवाडीह ओ०पी० क्षेत्र अन्तर्गत लालटेणगंज से करीब 100 मी0 की दुरी पर अचानक से बाइक के आगे आकर रुकवा दिया गया, जिसके पश्वात् उन तीनों लोगो के द्वारा रंजीत रवानी एवं उनके पत्नी से मोबाइल, चैन तथा 5000 रुपया छिन लिया गया। छिनने के बाद वे लोग माइन्स की तरफ भाग गये। इस संबंध में रंजीत रवानी पिता अशोक रवानी पता कुसमाॉड के द्वारा दिये गये लिखित आवेदन के आधार पर तिसरा (घनुवाडीह ओ०पी०) कांड सं. 24/24 16 अप्रैल 2024 धारा-392 भा०द०वि० दर्ज किया गया।
उक्त कांड की गंभीरता को देखते हुए सिंदरी डीएसपी के निगरानी में एक टीम गठित कर त्वरित अनुसंधान, गिरफ्तारी एवं उद्दभेदन हेतू टीम सक्रिय हो गयी। उक्त टीम के द्वारा कांड का त्वरित अनुसंधान करते हुए ना केवल काण्ड का खुलासा किया गया, बल्कि इसमें संलिप्त 3 अपराधकर्मीयों में से दो को धर दबोच गया। दोनों में 1. सुजल केसरी उम्र करीब 20 वर्ष, पिता दीपक प्रसाद केसरी पता कोईरीबाँध, झरिया। 2. शेखर रवानी उम्र करीब 23 वर्ष, पिता अजय रवानी, रामचन्द्र वल, बालुगदा, झरिया। दोनों अपराधी झरिया थाना के अंतर्गत रहने वाले थे। दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त काले रंग की स्पेलेंडर बाईक जेएच 10 सीपी 9437 एवं घटना में छिने गये मोबाइल तथा 5000 रुपया में से 1200 रुपया को बरामद कर लिया गया है, साथ ही तीसरे साथी की तलाश एवं पूछताछ जारी है।
विदित हो कि इसी गैंग से सम्बंधित शख्श अनिल चौहान को पुलिस पहले ही जेल के सलाखों के पीछे भेज चुकी है। केस संख्या 24/24 आवेदन देने के लगभग 16 घंटे में ही अपराधी को उसके अंजाम तक डीएसपी भूपेंद्र प्रसाद राउत की गठित टीम ने कर दिया, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि कही जा रही है। अंजाम पहुँचाने वाले टीम में थाना प्रभारी घनावाडीह पवन कुमार, लालेन्द्र कुमार सिंह, अखिलेश कुमार, हृदया राम थे, जिनकी कार्य को लोग सराह रहे हैँ।

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