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डी नोबिली के नीचे दबी पाइपलाइन पर HURL जल विभाग के सामने दो विकल्प।  क्लैंपिंग या पाइप चेंज? लगभग 15 साल पुरानी बिल्डिंग बनी चुनौती।

डी नोबिली के नीचे दबी पाइपलाइन पर HURL जल विभाग के सामने दो विकल्प। क्लैंपिंग या पाइप चेंज? लगभग 15 साल पुरानी बिल्डिंग बनी चुनौती।




सिंदरी: डी नोबिली स्कूल परिसर में लगभग 15 साल पुरानी बिल्डिंग के नीचे दबी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन के लीकेज ने HURL जल विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

मौके की स्थिति देखकर विभाग के सामने अब दो ही रास्ते हैं -

पहला विकल्प - क्लैंपिंग: इसमें पाइप को काटे बिना, लीकेज वाली जगह पर लोहे का क्लैंप (जैकेट) लगाकर लीकेज बंद किया जाता है। यह काम जल्दी हो जाता है और बिल्डिंग को कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन यह एक अस्थायी समाधान है, क्योंकि लगभग 15 साल पुरानी बिल्डिंग का लोड लगातार पाइप पर बना रहेगा।

दूसरा विकल्प - पाइप चेंज: इसमें लीकेज वाले पूरे हिस्से को काटकर नया पाइप जोड़ना पड़ेगा। यह स्थायी समाधान होगा, लेकिन इसके लिए बिल्डिंग के पिलर के नीचे से पाइप को निकालना होगा, जिससे लगभग 15 साल पुरानी इस बिल्डिंग की नींव को खतरा हो सकता है और पूरा ऑपरेशन काफी लंबा और खर्चीला हो जाएगा।

फिलहाल HURL जल विभाग की टीम पहले विकल्प यानी क्लैंपिंग पर काम कर रही है ताकि जल्द से जल्द रोहराबांध जल मीनार तक पानी की सप्लाई बहाल की जा सके।

यदि क्लैंपिंग सफल नहीं हुई तो विभाग को मजबूरन पाइप बदलने का फैसला लेना पड़ेगा, जिस पर स्कूल प्रबंधन और विभाग के अधिकारियों की नजर टिकी है।

इस कारण बुधवार को रोहराबांध क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित रहने की पूरी संभावना है।

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