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जहां राशन के लिए तड़पती जनता हो वहाँ हम डिजिटल इंडिया की बात करे तो बेमानी होगी:- रेणुका मुर्मू

जहां राशन के लिए तड़पती जनता हो वहाँ हम डिजिटल इंडिया की बात करे तो बेमानी होगी:- रेणुका मुर्मू

जहां राशन के लिए तड़पती जनता हो वहाँ हम डिजिटल इंडिया की बात करे तो बेमानी होगी:- रेणुका मुर्मू

साहेबगंज, संवाददाता।

उधवा प्रखंड के महादेवपुर गाँव के भुखमरी से मरने के कगार पर तुलसी किस्कू के परिवार  को देखिये जिन्हें विगत दो वषों से सरकारी राशन नहीं दिया जा रहा है। ज़िला परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेणुका मुर्मू ने सच समाचार टाईम्स को बताया कि ये महज़ इत्तफ़ाक़ नहीं है कि कोई एक परिवार सरकारी लाभ से वंचित हैं बल्कि हर गाँव के  एक तिहाई लोंगों के पास राशन कार्ड नहीं है किसी गाँव में तो शत प्रतिशत लोगों के पास का राशन कार्ड ही नहीं बना है ।सनद हो कि मैं यहाँ सिर्फ़ गाँव की बात नहीं कर रहीं हुँ  ना कि पंचायत की,अब सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पंचायत की क्या स्थिति है। जिस गाँव में राशन के लिए तड़पती जनता हो वहाँ हम डिजिटल इंडिया की बात करे तो बेमानी होगी। मुलभुत सुविधा स्वास्थ्य,सड़क, शिक्षा से कोसों दुर महादेवपुर कहीं से भी डिजिटल इंडिया का हिस्सा नहीं लगा।हमारे भारत की पहचान यहाँ के गाँव हैं हमें डिजिटल इंडिया नहीं "डिजिटल गांव"चाहिए ।उधवा मुख्य मार्ग से महादेवपुर गाँव की सड़कों ने गड्ढे का रूप ले लिया है पिडित परिवार के बच्चे कुपोषण के शिकार थे तन में कपड़े भी नाम के,किसी भी कोने से भी विकसित नहीं।जहाँ सरकार पुल और बंदरगाह पर अरबों रूपये ख़र्च कर रही है क्या ग़रीब को दो जुन की रोटी नहीं खिला सकती।जिले के इस पिछड़े क्षेत्र में रोज़गार देने में नाकाम रही है,सरकार ने पग पग पर साबित किया कि वह पुरी तरह अमीरों की सरकार है सपनों में जीती सरकार है हक़ीक़त से दुर।सरकार ने आदिवासियों का दबे कुचलों का शोषण और आज तक सिर्फ़ ठगने का ही काम किया है अभी तक भुखमरी के शिकार आदिवासी जनजाति ही हुए हैं ।सरकार के किसी भी पदाधिकारी  ने,ना ही सरकार के नुमाइंदों ने,ना किसी प्रतिनिधि ने ही दिलचस्पी ली सब ने चुप्पी बना रखी है बहुत अफ़सोस की बात है ये।यह तो जिले की पहली घटना है पर शायद आख़िरी नहीं क्योंकि राशन कार्ड की समस्या  तो हर गाँव में है। अन्य काम को परे कर सबसे पहले इसी का निदान करें सरकार तो बेहतर होगा मुख्य मार्ग को छोड़ कर बात करें तो गाँव की सड़के अब भी जस के तस है।नहरों के पानी को तो सरकार संग्रहित नहीं कर पा रही डोभा में राशि डुबा रही है गरीब जनता का भविष्य सँवारने के बजाय उसका भविष्य छीन रही है ।सरकार आपके द्वार का ये फ़लसफ़ा आगे "काल आपके द्वार"के नाम से जाना जायेगा।महादेवपुर के घटना को दबाने के बजाय उसकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए जब तक राशन कार्ड के समस्या का समाधान नहीं होता है जिले में "आपात राशन सेवा"की व्यवस्था शुरू करनी चाहिए और राशन कार्ड विहीन को प्रशासन और जनप्रतिनिधि के देखरेख में राशन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

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