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आदिवासी समाज के परम्परा को बचाए रखना इस सरकार की प्राथमिकता- श्री रघुवर दास

आदिवासी समाज के परम्परा को बचाए रखना इस सरकार की प्राथमिकता- श्री रघुवर दास

राजमहल, संवाददाता। 

आज झारखण्ड के राजमहल में माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास जी एवं संथाल परगना के मंत्री गण एवं स्थानीय लोकप्रिय विधायक श्री अनंत ओझा जी ने माघी मेले का उदघाटन किया ,इस मेले में आदिवासी की संस्कृति देखने को मिलती है।

आदिवासी समाज के परम्परा को बचाए रखना इस सरकार की प्राथमिकता है।  सदियों से माधी पूर्णिमा के अवसर पर यहॉ सफाहोड धर्म गुरू एवं उसके अनुयायी हजारों की संख्या में पवित्र गंगा मे आस्था की डुबकी लगाते है। यह उनके प्रकृति प्रेम के परिचायक है।झारखण्ड की आदिवासी संस्कृति को अक्षुण बनाये रखना हम सब की जिम्मेवारी है। सरकार ने भी इस परम्परा को बचाये रखनें के लिए कारगर कदम उठायें हाल ही में बोकारों के मरांग बुरू कों भी राजकीय मेला का दर्जा दिया गया है।झारखण्ड के आदिवासियों का महाकुभ कहा जाने वाले राजमहल माधी मेला को भी मेरी सरकार ने राजकीय मेला का दर्जा देकर व्यापक स्वरूप प्रदान किया है। यह बाते मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राजमहल में राजकीय माघी मेला के उदघाटन अवसर पर कहा। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला आपसी सदभाव के प्रतिक है। जहॉ  विभिन्न वर्ग समुदाय के लोग विभिन्न प्रदेषों से आते है। मेला मेल- जोल का प्रतिक है। जों लोगों में मिठास घोलती है।आदिवासी संस्कृति से जुडी माघी पूर्णिमा मेला यहॉ के लोगो में एक अलग तरह के उमंग उत्साह का संचार करता है।  इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अमर ष्षहिदों को भी याद किया उन्होंने कहा कि सिद्धों कान्हो चॉद भैरव फूलो झानो के त्याग ओर बलिदान की इस धरती में बसने वाले सभी समाज के वंचित ष्षोसित एवं समाज के अंतिम पंक्ति मे खडें व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।आदिवासी सजग है परन्तु और जागरूक होने की जरूरत है। बाल विवाह ना करे , बेटा-बेटी में फर्क ना करे, ,षिक्षा ही वह हथियार है जिससे हम गरिबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है।  इस अवसर पर राजमहल में मॉझी स्थान के निर्माण के लिए 24.53 लाख दिये जाने की घोषना की । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिले के लगभग 30 करोड की लागत से बनने वाली 58 योजनाओं का षिलान्यास किया। वही पीडिता की परिजन को 3 लाख का चेक वितरण किया। इसके अलावे माननीय मुख्यमंत्री ने प्रधानी पटटा एवं परिसम्पतियों का वितरण भी लाभुकों के बीच किया। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड का नारा है अपना गॉव - अपना काम । सभी आदिवासी बहुल गॉव में आदिवासी विकास समिति और ऐसे गॉव आदिवासी व गैर आदिवासी दोनों निवास करते है वहॉ ग्राम विकास समिति का गठन किया जाएगा,जो गॉव की विकास की योजनाओं का चयन कर गॉव का विकास करेगा। इन योजनाओं के लिए समितियों को उनके खाते में सीधा पैसा भेजा जाएगा। स्वरोजगार के लिए झारखण्ड के सभी 27 हजार गॉवों में  भिलेज कॉर्डिनेटर नियुक्त कर योग्यता के अनुरूप बेरोजगार ग्रामीणों कों स्वरोजगार से जोडा जाएगा।  इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री नें पूरे विधि विधान के साथ  गंगा पूजन किया। इसके बाद उन्होंने स्मारिका सगुन सकाम का विमोचन किया। जिला प्रषासन द्वारा रेलवे मैदान में  लगाए गए गंगा ग्राम प्रदर्षनी का अवलोकन किया।  साथ ही स्वास्थ्य विभाग , षिक्षा विभाग , सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग , जिला जल एवं स्वच्छता समिति , डीईजीइएस , समाज कल्याण , कल्याण , कृषि , मत्स्य एवं भूमि संरक्षण विभाग पुलिस विभाग,उधोग विभाग  के द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर माननीय मंत्री समाज कल्याण, कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग (अल्प संख्यक कल्याण सहित)डॉ0 लुईस मंराडी ने कहा कि सफाहोड धर्मगुरूओं का यह महापर्व झारखण्ड के लिए गौरव की बात है। इसके उत्तरोतर विकास के लिए यह सरकार निरंतर प्रयासरत है। माननीय मंत्री श्रमनियोजन एवं प्रषिक्षण कौषल विकास राज पलिवार ने कहा कि बाबा नगरी देवघर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिस प्रकार माननीय मुख्यमंत्री के दिषा निर्देष में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। उसी प्रकार गंगानगरी राजमहल में भी राजकीय मेला का दर्जा देकर इसके विकास का रास्ता खोल दिया । माननीय मंत्री कृषि एवं गन्ना विकास सहकारिता तथा पषुपालन एवं मत्स्य विभाग श्री रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर प्रगति कर रही है। वह दिन दूर नही कि हमारा प्रदेष देष के अग्रणी प्रदेष कहलाएगा। माननीय विधायक राजमहल श्री अनंत कुमार ओझा ने कहा कि साहेबगंज मनिहारी गंगा पुल का सौगात देकर साहिबगंजवासियों को चिर प्रतक्षि़्ात मॉग को पूरा किया है भविष्य में राजमहल-मानिकचक  पुल पर भी सरकार घ्यान दे। माननीय विघायक बोरियों श्री ताला मंराडी ने कहा कि आदिवासियों को जागरूक होने और षिक्षा पर विषेष बल देने का अपील किया ।स्वागत संबोधन उपायुक्त डॉ0 षैलेष कुमार चौरसिया के द्वारा  किया गया वही उपविकास आयुक्त श्रीमति नैन्सी सहाय के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अखिलेष झा,  जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमति रेणुका मुर्मू , पूर्व मंत्री श्री हेमलाल,मुर्मू , पुलिस अधीक्षक धनंजय कुमार सिंह , परियोजना निदेषक आईटीडीए श्री बब्लू मुर्मू , अपर समाहर्ता श्री अनमोल कुमार सिंह , अनुमंडल पदाधिकारी राजमहल श्री चिंटू दोराय बुरू सहित जिलास्तरीय पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।    मेला को भव्य बनाने के लिए पूरे मेला परिसर को बडे आकर्षक ढंग से सजाया गया। मेला में साफ सफाई , पानी , सुरक्षा व बिजली की पुरी व्यवस्था की प्रषासन द्वारा किया गया। इस मेला में सरकारी योजनाओं का 16 स्टॉल ल्रगाया है। मेला परिसर में दो स्वास्थ्य षिविर लगाये गयें जिसमें जीवन रक्षक दवाओं के साथ साथ चिकित्सक दल एवं सवास्थ्य कर्मी 24 घंटे प्रतिनियुक्त रहेंगे। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा पेयजल की पुरी व्यवस्था किया गया है। राजमहल स्थित सभी खराब पडी चापाकलों को युद्धस्तर पर ठीक कर पानी की व्यवस्था की गई। मेला में श्रद्धालुओं को प्रतिदिन चार टैंकर एवं विभिन्न स्थानों पर सिंटेक्स टैंक के माध्यम से जलापूर्ति के साथ साथ 50 अस्थाई ष्षौचालय का भी निर्माण कराया गया। वही बिजली विभाग मेला में र्निबाध विधुत्त आपूर्ति की पूरी व्यवस्था की । मेला में श्रद्धालु को पूरी रौषनी की सुविधा दी गई। राजमहल गंगातट पर स्थित गंगा भवन को भी मेला के अनुरूप सजाया गया। गंगाघाट, बालूघाट , रेलवे मैदान, अस्पताल एवं अनुमंडल कार्यालय परिसर की समुचित सफाई एवं समतलीकरण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है।

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