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SC/ST एक्ट: जांच में जरूरत हो तो गिरफ्तारी की जाए-सुप्रीम कोर्ट

SC/ST एक्ट: जांच में जरूरत हो तो गिरफ्तारी की जाए-सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट आज केंद्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि अगर जांच में जरूरत हो तो गिरफ्तारी की जाए। शीर्ष कोर्ट उस याचिका की सुनवाई कर रहा है जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून पर दिए फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है। 4 राज्यों ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की है। 
एससी/एसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए केंद्र ने 2 अप्रैल को कोर्ट का रुख किया था। जानकारी के अनुसार, इससे पहले अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मामले से जुड़े लिखित दस्तावेज कोर्ट में दाखिल कर दी हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर जज एके गोयल और दीपक गुप्ता की संवैधानिक पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
वेणुगोपाल ने पीठ से कहा, अदालत की मांग पर हमने लिखित दस्तावेज जमा कर दिए हैं। चार राज्यों ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। जिसके बाद न्यायमूर्ति गोयल मामले की सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख तय की। एससी-एसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग करते हुए केंद्र ने दो अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
गौरतलब है कि 20 मार्च को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न निरोधक कानून के तहत आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
सरकार ने भी हर पहलू पर विचार के बाद दो अप्रैल को इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी। सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया जा चुका है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख नहीं बदला तो फिर अध्यादेश लाकर भी पुराने कानून को स्थापित किया जा सकता है।

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