सूफी गायक पदमश्री कैलाश खेर ने गोल्फ ग्राउंड में अपने गाए गाने सुना कर दर्शकों को खूब झुमाया
सोमवार, 25 सितंबर 2023
Comment
रवि फिलिप्स (ब्यूरो चीफ धनबाद) भानुमित्र न्यूज़
धनबाद: हिंदी साहित्य विकास परिषद के 44 वें स्थापना दिवस पर कैलाश खेर के गीतों को सुनने के लिए कार्यक्रम स्थल ग्राउंड गोल्फ पर भारी भीड़ जुटी। गीतों के साथ नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम के दौरान उपस्थित दर्शकों और अतिथियों को तालियां बजाने और थिरकने पर विवश कर दिया। लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा गोल्फ ग्राउंड गूंज उठा। शिव शंकर के भक्त और अपनी गायकी में शिव की महिमा गाने वाले सूफी गायक कैलाश खेर ने जब कोयलांचल की धरती पर अपने गाने सुनाएं तो समा बंध गया। गोल्फ ग्राउंड के मंच पर रंग जमा दिया। रविवार की रात कैलाशा के नाम रही। कैलाशा बैंड के साथ आए सूफी गायक कैलाश खेर के गानों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। गोल्फ ग्राउंड के मंच पर कैलाश खेर ने हीरे मोती मैं ना चाहूं मैं चाहूं संगम तेरा,नी मैं जीना..., मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया... गाने के साथ शुरुआत की। पद्मश्री सूफी और आध्यात्मिक गानों के सरताज कैलाश खेर जब मंच पर आए तो तालियों को गड़गड़ाहट से ऑडिटोरियम गूंज गया। कार्यक्रम शुरू हुआ तो फिर दर्शकों की एक से बढ़कर एक गानों की फरमाइश आती रहीं। कैलाश खेर जब गा रहे थे तो ऐसा लगता है जैसे वे किसी दुनिया में खो गए हैं और सुनने वालों को भी वहीं ले जाते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ए टू जेड बाय शिव डांस ग्रुप को भी अपने गानों पर खूब झुमाया। वॉइस ऑफ इंडिया फेम और कोयलांचल के लाल रचित अग्रवाल ने भी अपने बैंड के साथ प्रस्तुति देकर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
इन गानों से बांधा समा
कौन है वो कौन है वो कहां से वो आया..., जय जयकार जय जयकारा..., सइयां...., राह बुहारूं, पग पखारूं...., तौबा तौबा वे तेरी सूरत..., पिया के रंग रंग दीनी ओढनी..., तेरे बिन नहीं लगता दिल मेरा... तेरी दीवानी..., कागा सब तन खाइयो, गाने के साथ झूमते हुए कैलाश खेर सभी झूमने पर मजबूर कर दिया। फिल्म इंडस्ट्री में 16 वर्ष पूरे कर चुके पद्मश्री गायक कैलाश खेर सूफी और आध्यात्मिक गानों के सरताज हैं। जितनी अच्छी उनकी गायकी है उतने अच्छे वह म्यूजिक कंपोजर हैं। वह 1500 से ज्यादा फिल्मी गाने गा चुके हैं।
झारखंड को बताया भोले की धरती
उन्होंने कहा कि भारत का कोना-कोना मेरे शिव का खंड है मेरे दाता वीरानो में वास करते हैं। झारखंड में पर्वतों, जंगलों में मेरे दाता वास करते हैं यह मेरे भोले की धरती है यहां भोले लोग रहते हैं उन्होंने वॉइस ऑफ़ इंडिया फे म रचित अग्रवाल की तारीफ करते हुए कहा यहां मुझे शुद्ध सरसों के तेल में बना खाना खाने को नसीब हुआ।कार्यक्रम में हिंदी साहित्य विकास परिषद के राकेश शर्मा जयप्रकाश अग्रवाल, संजय आनंद, झरिया विधायिका पूर्णिमा नीरज सिंह, सरिता सिन्हा, वीरेंद्र भगत, केदारनाथ मित्तल, गुणवंत सिंह मोंगिया के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
0 Response to "सूफी गायक पदमश्री कैलाश खेर ने गोल्फ ग्राउंड में अपने गाए गाने सुना कर दर्शकों को खूब झुमाया "
एक टिप्पणी भेजें