BIT सिंदरी में SDM प्रवीण कुमार सिंह का प्रेरणादायक संबोधन: छात्रों में भरा जोश और आत्मविश्वास। तालियों की गूंज के बीच प्रेरणा का संदेश
रविवार, 14 सितंबर 2025
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सिंदरी, धनबाद | 14 सितंबर 2025
BIT सिंदरी के इंडक्शन प्रोग्राम में झारखंड प्रशासनिक सेवा के तेज-तर्रार अधिकारी और बालूमाथ निवासी SDM प्रवीण कुमार सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उनके ओजस्वी और प्रेरणादायक संबोधन ने नवप्रवेशी छात्रों में जोश का संचार किया, साथ ही उन्हें अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और संतुलित जीवन का अमूल्य पाठ पढ़ाया।
श्री सिंह ने अपनी साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से प्रशासनिक सेवा तक की प्रेरक यात्रा साझा की। उनकी कहानी ने छात्रों को यह विश्वास दिलाया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
प्रशासन, उद्यमिता और सामाजिक चिंतन पर जोर
अपने संबोधन में श्री सिंह ने प्रशासनिक ढांचे की जटिलताओं और चुनौतियों को सरलता से समझाया। उन्होंने नौकरी, स्टार्टअप और व्यवसाय के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए छात्रों को मेक इन इंडिया के लिए प्रेरित किया। उन्होंने चिंता जताई कि भारत आज भी छोटे-छोटे उत्पादों के लिए विदेशों पर निर्भर है, जबकि इनका निर्माण देश में ही संभव है। “इंजीनियर सिर्फ मशीन नहीं, एक मानव है। उसे मानव की तरह चिंतन करना चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा।
छात्रों को सामाजिक दायरे और नेतृत्व कौशल विकसित करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, “हमेशा सोचें कि आप समाज को क्या दे सकते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक सरोकारों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।” पढ़ाई में प्रैक्टिकल और इनोवेटिव दृष्टिकोण अपनाने की वकालत करते हुए उन्होंने इंजीनियरिंग की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। “आज सड़कें और पुल बनते ही क्यों टूटने लगते हैं, जबकि 50 साल पुराने पुल आज भी मजबूती से खड़े हैं? यह चिंतन का समय है कि हम कहां जा रहे हैं,” उन्होंने गंभीरता से कहा।
जीवन जीने की कला और मानसिक स्वास्थ्य पर बल
श्री सिंह ने जीवन के दृष्टिकोण पर गहरी बातें कहीं। “खुशी, दुख, तनाव, क्रोध—यह सब विचारों का खेल है। विचारों को नियंत्रित करने की कला सीखें,” उन्होंने छात्रों को सलाह दी। उन्होंने तनाव और अवसाद से जूझ रहे युवाओं को ध्यान, खेलकूद और सकारात्मक सोच के जरिए मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने का मंत्र दिया।
नशामुक्ति, कैरियर निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों पर उनके विचारों ने छात्रों को गहरे तक प्रभावित किया। पूरे संबोधन के दौरान सभागार तालियों से गूंजता रहा, और कई छात्रों ने इसे “अब तक का सबसे प्रेरक संबोधन” करार दिया।
संस्थान की ओर से सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर BIT सिंदरी प्रशासन ने श्री सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार जताया। संस्थान ने भविष्य में उन्हें पुनः आमंत्रित करने की इच्छा व्यक्त की।
SDM प्रवीण कुमार सिंह का यह संबोधन न केवल छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि यह भी दर्शाया कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर कैसे असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
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