हजारीबाग में 17 नवंबर को आदिवासी जन आक्रोश महारैली,अस्मिता और एकता की रखवाली के लिए जुटेंगे हजारों आदिवासी समाज के लोग।
रविवार, 16 नवंबर 2025
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आदिवासी जन आक्रोश महारैली विरोध का स्वर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की गरिमा, पहचान और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक होगी- विक्की कुमार धान।
भानुमित्र संवाददाता।
हजारीबाग काल सोमवार को हजारीबाग के प्रसिद्ध सरहुल मैदान में आदिवासी समाज की चेतना और संघर्ष का प्रतीक बनकर आदिवासी जन आक्रोश महारैली आयोजित होने जा रही है। यह रैली विशेष रूप से कुड़मी (महतों) समाज के अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की मांग के विरोध में आयोजित की जा रही है।आदिवासी अस्मिता और एकता को बचाने के लिए यह रैली आदिवासी समाज के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों को आकर्षित करेगी। आदिवासी जन आक्रोश महारैली के सचिव सह मीडिया प्रभारी विक्की कुमार धान ने बताया कि यह रैली केवल विरोध का स्वर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की गरिमा पहचान और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक होगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य समाज में एकता और अस्मिता बनाए रखना है। हम चाहते हैं कि हमारी आवाज़ न सिर्फ़ सुनी जाए, बल्कि हमारी वास्तविक समस्या और मांगें सही मायनों में समझी जाएँ। जबकि सार्वजनिक मंच पर आदिवासी समाज के नेता, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता अपने विचार साझा करेंगे। रैली में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, आदिवासी परंपराओं का प्रदर्शन और सभा में विचार-विमर्श का आयोजन भी किया जाएगा। विक्की कुमार धान ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यह रैली शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जाएगी और सभी उपस्थित लोग आदिवासी संस्कृति और मूल्य की रक्षा करते हुए हिस्सा लें।
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