बीमा कर्मचारी संघ का श्रम एवं बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश के विरुद्ध हड़ताल
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026
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धनबाद:भारत का मजदूर वर्ग बुधवार 12 फ़रवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर है। इस हड़ताल का आह्वान 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में लाखों श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वतंत्र अखिल भारतीय संघों द्वारा किया गया है। देशभर के बीमा कर्मचारियों द्वारा अपने अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ (आईआईइएए) के आह्वान पर पूर्ण सहभागिता के साथ इस हड़ताल में भागीदारी निभाई गई।हजारीबाग मंडल के स्तर पर तमाम एलआईसी कर्मियों ने अपने संगठन बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल (आईइएएचडी) के बैनर तले अपने मंडल कार्यालय के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले सभी 37 कार्यालयों में सम्पूर्ण तालाबंदी कर पूरी तरह से काम रोक कर इस हड़ताल को अपने स्तर से शत प्रतिशत अमली जामा पहनाया गया।इस अवसर पर धनबाद जिले के सभी एल आई सी कार्यालय में पूर्ण हड़ताल रही। इस अवसर पर अपना सन्देश देते हुए आईइएएचडी के मंडलीय महासचिव जगदीश चंद मित्तल ने कहा 12 फ़रवरी निर्धारित औद्योगिक हड़ताल केवल नए श्रम संहिताओं, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा में वृद्धि, या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश के विरुद्ध एक सामान्य विरोध नहीं है। यह वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था को कॉरपोरेट हितों के पक्ष में पुनर्गठित करने की प्रक्रिया के खिलाफ एक गहन और मौलिक प्रतिरोध है-जिसका भार श्रमिकों, किसानों और हाशिये पर खड़े समुदायों पर पड़ रहा है।संघ के अध्यक्ष हेमंत मिश्रा ने कहा कि इस हड़ताल के केंद्र में चार श्रम संहिताओं के प्रति विरोध है। हमारा तर्क है कि इन संहिताओं ने लंबे समय से प्राप्त श्रमिक सुरक्षा प्रावधानों को कमजोर किया है। इन कानूनों के एकीकरण से नियुक्ति और छंटनी आसान हुई है, सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार कमजोर हुए हैं, तथा मजदूरी, रोजगार सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले नियामक तंत्र का क्षरण हुआ है। हड़ताल को सफल बनाने के लिए हेमंत मिश्रा, जगदीश चंद्र मित्तल, अमित कुमार, सुबीर राम,अमरजीत राजवंशी, निशेष कुमार, बासु बहादुर, चंदन झा, राहुल कुमार, संजय पाठक, मनीषा कुमारी, नयन शर्मा, जागेश्वर राम ,अभिषेक कुमार सुशील भगत समेत अन्य का योगदान रहा।
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