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जयरामडांगा में कथावाचक ने सुनाई कृष्ण जन्म की कथा, भक्तों ने किया नृत्य

जयरामडांगा में कथावाचक ने सुनाई कृष्ण जन्म की कथा, भक्तों ने किया नृत्य


साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखण्ड के खुटहरी पंचायत अंतर्गत जयरामडांगा ग्राम में चल रही श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आयोजित कथा में वृंदावन से पधारे भगवताचार्य दिनेशानंद उपाध्याय जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन किया।
कथावाचक ने बताया कि भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कंस की कारागार में वासुदेव-देवकी के आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि जब धरती पर चारों ओर अत्याचार का साम्राज्य फैला था, तब श्रीकृष्ण ने अवतार लिया और बाद में अत्याचारी कंस का वध कर माता-पिता को कारागार से मुक्त कराया।
कार्यक्रम में भगवान कृष्ण की सुंदर झांकी सजाई गई। जैसे ही कथा में भगवान के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल "नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंज उठा। महिलाएं और भक्तगण बाल कृष्ण की वेशभूषा में सजे नन्हें बालक के साथ नृत्य करते रहे। 
कथा व्यास ने भक्तों को भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की कथाओं का रसपान भी कराया। 
वहीं भाजपा किसान मोर्चा के बजरंगी प्रसाद यादव ने व्यास श्री दिनेशानंद महाराज को सम्मानित किया।

कथा व्यास श्री दिनेशानंद जी महाराज ने विशेष रूप से अहंकार से दूर रहने का संदेश दिया और कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, जो बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है।
कार्यक्रम में अध्यक्ष- हराधन साहा, सचिव- गौतम साहा,  सागर साहा, उत्तम साहा, पंकज, संदीप, श्रवण, कंचन, रॉकी समेत अन्य भक्तगण उपस्थित रहे।

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