14 महीने पर अरशद जेल से आए बाहर, भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारी व पत्थर माफियाओं में छाई बेचैनी
रविवार, 1 मार्च 2026
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जेल से बाहर आते ही अरशद ने दहाड़ा न झुकें हैं न झुकेंगे न डरें हैं न डरेंगे
अरशद ने कहा भ्रष्ट पुलिस- प्रशासनिक पदाधिकारी व पत्थर माफियाओं के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा
हाई कोर्ट ने अरशद के खनन कार्यालय में प्रवेश पर लगाया रोक-अरशद ने कहा सुप्रीम कोर्ट में करेंगे अपील
अरशद के बाहर आने से भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारी व पत्थर माफियाओं में छाई बेचैनी
साहिबगंज के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सैयद अरशद नसर के खिलाफ़ जिले के खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू के द्वारा रंगदारी,भयदोहन,ब्लैकमेलिंग, सरकारी संचिका फाड़ने,सरकारी काम में बाधा डालने व एससी-एसटी एक्ट के तहत जिरवाबाड़ी थाना में दर्ज कराए गए दो-दो कांड संख्या- 104/24 तथा 204/24 में झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी के बेंच में विद्वान अधिवक्ता सुधांशु शेखर चौधरी व प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश,साहिबगंज अखिल कुमार के न्यायालय में विद्वान अधिवक्ता मोहम्मद तारीक जफर उर्फ मिंटू के द्वारा तथा शेखपुरा थाना कांड संख्या-248/24 में संतोष कुमार तिवारी, प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश, शेखपुरा के न्यायालय में विद्वान अधिवक्ता बिनोद कुमार सिंह के द्वारा अरशद की तरफ़ से पैरवी उपरांत न्यायालय के द्वारा नियमित जमानत प्रदान करने के चलते अरशद 14 महीने पर रविवार को शेखपुरा जेल से बाहर निकल गए. विदित हो कि अरशद बीते वर्ष 8 जनवरी से साहिबगंज जेल में बंद थे,जहाँ अरशद द्वारा जेल में व्याप्त भ्रष्टाचार, अत्याचार, कुव्यवस्था, घटिया खान-पान के खिलाफ़ लगातार किए जा रहे आंदोलन के चलते बीते 13 दिसम्बर को अरशद को साहिबगंज जेल से मधुपुर जेल भेज दिया गया,वहाँ भी अरशद के द्वारा भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ़ आवाज़ उठाने के चलते बीते 26 फरवरी को मधुपुर जेल से शेखपुरा जेल भेज दिया गया.जेल से बाहर आने के बाद प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर अरशद ने सर्वप्रथम माननीय न्यायालय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा की वह न कभी झुकें हैं और न ही कभी झुकेंगे और न ही कभी डरें हैं और न ही कभी डरेंगे. जेल जाने से उनका मनोबल गिरने के बदले और मजबूत हुआ है.
अरशद ने आगे कहा की भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारी राजनीतिज्ञ व स्टोन क्रशर, पत्थर, बालू, ईटा, भुमि, कोयला, वन माफियाओं व आसामाजिक तत्वों के खिलाफ उनका संघर्ष और तेज होगा तथा ऐतिहासिक राजमहल पहाड़ व गंगा नदी के संरक्षण व संवर्धन के लिए उनका अभियान अब और जोर पकड़ेगा तथा जल-वायु-ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ़ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी. साहिबगंज व मधुपुर जेल में बिताएं गए पल के बारे में अरशद ने बताया कि अंग्रेज के समय का जेल बेहतर था जबकि आजाद भारत का साहिबगंज जेल व मधुपुर जेल नरक से भी बदतर है,जिसका वह जल्द खुलासा करेंगे.हाई कोर्ट द्वारा उनके खनन कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगाएं जाने के बारे में कहा की वे सुप्रीम कोर्ट में जल्द अपील दायर करेंगे.अरशद के जेल से बाहर आने पर भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारी समेत सफेदपोश नेताओं व आसामाजिक तत्वों व पत्थर माफियाओं व कारोबारीयों में दहशत व बेचैनी देखी जा रही है तो दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं,जागरूक नागरिकों व बुद्धिजीवि वर्ग में खुशी व हर्ष व्याप्त है.
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