COE और हाई‑टेक लैब साल भर से बंद, 12,000 छात्रों का भविष्य फाइलों में कैद। All India SC, ST, OBC Employ Co-ordination Council ने राज्यपाल से PMO तक फरियाद उठाई।
मंगलवार, 16 जून 2026
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रवि फिलिप्स (ब्यूरो चीफ धनबाद) भानुमित्र न्यूज़🖋️
सिंदरी:"स्किल इंडिया" के दावों के बीच झारखंड का एक स्याह सच उजागर हुआ है: सिमेन्स के साथ गठित Center of Excellence (COE) और पांच पॉलिटेक्निक कॉलेजों की करोड़ों की हाई‑टेक ट्रेनिंग लैब पिछले एक साल से बंद पड़ी हैं। दस्तावेज़ों और पत्राचार के आधार पर पाया गया कि लगभग 12,000 SC, ST और OBC छात्र जिनके नामों पर कौशल प्रशिक्षण चल रहा था, अब बेरोजगारता की कगार पर खड़े हैं — और इनके भविष्य से जुड़ी परेशानियां सरकारी फाइलों में ही सिमटी हुई हैं। इस मुद्दे पर All India SC, ST, OBC Employ Co-ordination Council (Sindri) ने राज्यपाल से PMO तक शिकायत उठाई और दस्तावेज़ी सबूतों की झड़ी लगा दी।
क्या था परियोजना और कैसे रुकी
- 2017 में BIT सिंदरी ने सिमेन्स के साथ MoU कर COE की स्थापना की थी। कोर्स शामिल थे: Process Instrumentation, Robotics, CAD‑CAM Manufacturing और Lift Maintenance। सिंदरी के अलावा दुमका, कोडरमा, धनबाद, निरसा और माइनिंग शाखाओं में Electrical, RAC, 2/4 Wheeler और Electronics ट्रेनिंग शुरू हुई।
- पहले पांच साल में इन कार्यक्रमों से 12,000 से अधिक छात्रों को रोजगार मिलने का दावा किया गया।
- कोविड‑19 के कारण एक वर्ष का अंतराल आया, बाद में 2023 में प्रशिक्षण फिर से संचालित हुआ। 2024 में नियत टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हुई।
- बावजूद इसके, 2025‑2026 से लेकर अब तक संबंधित फाइल Technical Director, उच्च तकनीकी शिक्षा निदेशालय, रांची के पास दबी हुई है और लाइनों पर मशीनें, उपकरण व प्रशिक्षित लैब बंद हैं।
दिलीप कुमार, Organising Secretary, All India SC, ST, OBC Employ Co-ordination Council (Sindri) ने इस मुद्दे पर दस्तावेजों की झड़ी लगा दी है।
30 मार्च 2006: सिंदरी विधायक चन्द्रदेव महतो को पत्र।
25 जनवरी 2025: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा को पत्र।
- 26 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सूचना/निवेदन।
- 17 नवंबर 2025: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को पत्र; इसकी कॉपी Prime Minister Office (PMO) और SC/ST/OBC Commission, Delhi को भी भेजी गई।
- 17 दिसंबर 2025: RTI के माध्यम से निदेशक, उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास (नेपाल हाउस, डोरंडा, रांची) को अनुरोध।
- 12 जनवरी 2026: उप सचिव (यो. प्र. यादव) ने पत्रांक 6739/JH/243/2025‑RU‑IV से नोटिस जारी किया; परन्तु अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्य आरोप और बड़े सवाल
- राज्यपाल के पास पहुंचने के बाद भी राजभवन से कोई निर्णायक कदम क्यों नहीं उठाया गया?
- PMO और SC/ST/OBC Commission को भेजी कॉपी पर केंद्र सरकार ने मौन क्यों साध रखा?
- मुख्यमंत्री को 26/09/2025 को बताने के बाद भी फाइल रुकने के पीछे कौन जिम्मेदार है?
- RTI और अन्य आवेदनों के बावजूद उप सचिव और Technical Director की तरफ से जवाबी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- क्या प्रशासनिक जुगाड़ या राजनीतिक दबाव इस परियोजना को ठप करने का कारण है?
छात्रों की जिंदगी पर असर
BIT सिंदरी के पूर्व प्रशिक्षु, जो नाम न छापने की शर्त पर बोले, "Robotics और CAD‑CAM सीखकर नौकरी की उम्मीद थी। हमने कर्ज लेकर कोर्स किया था। अब लैब बंद है और हम बेरोजगार हैं।" कई छात्रों ने बताया कि वे प्रशिक्षण को अपना一 रोजगार‑प्रवेश मान रहे थे; लैब बंद होने से न केवल उनकी आजीविका दांव पर है बल्कि ऋण विमोचन और भविष्य‑योजना भी ध्वस्त हुई है।
तंत्र की विफलता या जानबूझ कर ठहराव?
यह मामला सिर्फ प्रशासकीय सुस्ती का नहीं लग रहा। जब शिकायतें और दस्तावेज़ राज्यपाल, CM, PMO और आयोग तक पहुंच चुके हैं और फिर भी फाइल जगह से नहीं हिलती, तो प्रश्न उठता है कि किसी न किसी स्तर पर रुकी हुई मशीनरी कौन चला रहा है? करोड़ों रुपये के उपकरण जंग खा रहे हैं; हजारों युवाओं का रोजगार रुका हुआ है। यह मामला गति न मिलने की वजह से "स्किल इंडिया" के दावों पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
कठोर मांगें और संभावित समाधान
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस फाइल की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर त्वरित निर्देश जारी करने चाहिए।
- Technical Director और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाए; RTI में दिये गए सवालों का पारदर्शी जवाब सार्वजनिक किया जाए।
- COE और संबंधित पॉलिटेक्निक्स में तत्काल ऑडिट कर उपकरणों की स्थिति, प्रशिक्षण कर्मचारियों की उपलब्धता और टेंडर के कारणों का खुलासा हो।
- अस्थायी तौर पर प्रभावित छात्रों के लिए रोजगार सहायता और कर्ज निलंबन/माफी पर विचार किया जाए जब तक प्रशिक्षण फिर से शुरू नहीं होता।
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