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आदिवासी ढोल और दशांय-दोन बाजा की गूंज के बीच निकली मां दुर्गा की कलश यात्रा, तारापुर में दिखी संस्कृति और आस्था की अनूठी छटा

आदिवासी ढोल और दशांय-दोन बाजा की गूंज के बीच निकली मां दुर्गा की कलश यात्रा, तारापुर में दिखी संस्कृति और आस्था की अनूठी छटा

हिरणपुर : शारदीय नवरात्र के पहले दिन हिरणपुर प्रखंड के तारापुर में आस्था, परंपरा और आदिवासी संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, तारापुर-गोविंदपुर की ओर से कलश सह शोभायात्रा निकाली गई। आदिवासी ढोल और पारंपरिक दशांय-दोन बाजा की गूंज के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।

नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। रविवार से पाकुड़ जिले में शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही दुर्गा पूजा को लेकर चहल-पहल बढ़ गई। सुबह से ही बाजारों में रौनक देखने को मिली, जबकि दुर्गा मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के विभिन्न स्थानों पर कहीं कलश यात्रा निकाली गई, तो कहीं शोभायात्राओं के माध्यम से नवरात्र का स्वागत किया गया।

तारापुर में आयोजित कलश सह शोभायात्रा में आदिवासी संस्कृति की विशेष छाप देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य और वाद्ययंत्रों की धुन ने आयोजन को विशिष्ट स्वरूप प्रदान किया। दशांय-दोन बाजा और आदिवासी ढोल की आवाज के बीच श्रद्धालु उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय परंपराओं की यह झलक आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनी रही।

 श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन मुस्तैद

शोभायात्रा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पाकुड़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव, हिरणपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी टुडू दिलीप और थाना प्रभारी रंजन कुमार पुलिस बल के साथ तैनात रहे। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे, ताकि यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

 समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

कार्यक्रम में संतोष साहा, पंकज साहा, राजीव पंडित, डोमन पंडित, नारायण यादव, मानिकचंद साहा, उमाचरण साहा, टिंकू साहा, महेंद्र साहा, मनोज साहा, भीम यादव, प्राण यादव और अम्बिका प्रसाद साहा सहित समिति के कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने आयोजन में सहयोग किया।

कलश सह शोभायात्रा को सफल बनाने में सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, तारापुर-गोविंदपुर के अध्यक्ष नंद किशोर मंडल, उपाध्यक्ष चंद्रयान केतु प्रकाश, सचिव कृष्णा पंडित और कोषाध्यक्ष भानुप्रताप साहा सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

नवरात्र के शुभारंभ पर तारापुर में निकली इस शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक लोककला की सुंदर झलक प्रस्तुत की। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

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