सिंदरी की सड़कों पर अराजकता—ट्रैफिक पुलिस और सिग्नल की अनुपस्थिति खतरे को न्योता
रविवार, 14 सितंबर 2025
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रवि फिलिप्स (ब्यूरो चीफ धनबाद) भानुमित्र न्यूज़🖋️
सिंदरी, धनबाद का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र, आज ट्रैफिक अव्यवस्था के दलदल में फंस चुका है। रोहराबंद के अंबेडकर चौक गोल चकरी और शाहपुरा के बाबू कुंवर सिंह चौक पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गलत साइड से बेलगाम आवागमन न केवल नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहा है। इन चौराहों पर न तो ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी है, न ही कार्यशील सिग्नल। यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि सवाल उठाती है कि क्या सिंदरी की सड़कों पर नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं?
सिंदरी की सड़कें, जो हाल ही में चार लेन तक विस्तारित हुई हैं, विकास की कहानी तो बयां करती हैं, लेकिन ट्रैफिक प्रबंधन की कमी इस प्रगति पर ग्रहण लगा रही है। अंबेडकर चौक, जहां बाबासाहेब की प्रतिमा स्थापित है, वहां वाहन चालकों की मनमानी शर्मिंदगी का सबब है। बाबू कुंवर सिंह चौक पर तो हालात और भी बदतर हैं—शाम के समय जाम और दुर्घटना का डर आम बात हो गई है। मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत गलत साइड ड्राइविंग और सिग्नल उल्लंघन पर सख्त जुर्माने का प्रावधान है, फिर भी सिंदरी में नियमों का पालन कराने वाला कोई नहीं।
यह विडंबना है कि धनबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन और ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय की कमी के चलते ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस तैनाती जैसे बुनियादी उपाय भी धरातल पर नहीं उतर पा रहे। स्थानीय निवासियों की मांग साफ है—सीसीटीवी, सिग्नल, और नियमित पुलिस गश्त। लेकिन प्रशासन की चुप्पी और संसाधनों की कमी का बहाना जवाब नहीं हो सकता। हाल ही में सड़कों पर एलईडी लाइट्स के लिए एमओयू साइन हुआ, तो क्या ट्रैफिक सेफ्टी के लिए बजट नहीं बन सकता?
सिंदरी के लोग अब सोशल मीडिया पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। यह समय है कि धनबाद प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस जागे। अंबेडकर चौक और बाबू कुंवर सिंह चौक जैसे संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सिग्नल लगाए जाएं, ट्रैफिक वार्डन तैनात हों और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। यदि अब भी लापरवाही बरती गई, तो आने वाले दिन बड़े हादसों को न्योता दे सकते हैं। प्रश्न यह नहीं कि सिंदरी की सड़कें कब सुरक्षित होंगी, बल्कि यह कि प्रशासन कब अपनी जिम्मेदारी निभाएगा?
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