सत्य साईं सेवा संगठन ने बाल विकास प्रशिक्षण आयोजित किया, बच्चों में संस्कार और मानसिक विकास पर जोर
रविवार, 5 अप्रैल 2026
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पाकुड़ : शहर के बैंक कॉलोनी स्थित श्री सत्य साईं मंदिर में बाल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर से बाल सेवा केंद्र चलाने वाले लगभग 100 गुरु भाई और बहनों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण श्री सत्य साईं सेवा संगठन के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास को मजबूत करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय पदाधिकारी दीदी पुष्पलता, सेवा विभाग के रवि कुमार और कुमोदी दीदी ने संस्कार केंद्रों के संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि बाल विकास केंद्रों के संचालन में संस्कारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसी के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व का सही निर्माण संभव है।
प्रशिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि बच्चों को संस्कारी बनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। संस्कार ही बच्चों के मानसिक विकास को दिशा देते हैं और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं। बाल शिक्षा केंद्रों का मुख्य उद्देश्य भी बच्चों में अच्छे संस्कारों के साथ-साथ मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।
प्रशिक्षण के दौरान संगठन के उद्देश्यों की जानकारी भी विस्तार से दी गई। साथ ही जिले के विभिन्न बाल विकास केंद्रों में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई और गुरु भाई-बहनों द्वारा पूछे गए सवालों का समाधान किया गया।
कार्यक्रम में जिला स्तरीय समिति के अनिरुद्ध कुमार, सुष्मिता मंडल, सुशांत दुबे, अभिजीत घोष और सत्यम पांडे सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे। अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण दो दिवसीय है। पहले दिन विभिन्न बाल विकास केंद्रों का भ्रमण कर गतिविधियों की जानकारी ली गई, इसके बाद प्रशिक्षकों द्वारा केंद्र संचालन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
संगठन द्वारा समय-समय पर विभिन्न सेवा कार्य भी किए जाते हैं। ठंड के मौसम में गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण किया जाता है, वहीं जरूरतमंदों के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन कर सेवा प्रदान की जाती है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उसी सेवा भावना का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज के भविष्य यानी बच्चों को सही दिशा देना है।
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