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मनरेगा में अब चेहरा बनेगा पहचान, मोबाइल निगरानी प्रणाली से हाजिरी के लिए मेटों को मिला प्रशिक्षण

मनरेगा में अब चेहरा बनेगा पहचान, मोबाइल निगरानी प्रणाली से हाजिरी के लिए मेटों को मिला प्रशिक्षण

पाकुड़िया : मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार भवन में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण में मनरेगा मेटों को राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली के माध्यम से चेहरा पहचान कर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया सिखाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि सरकार मनरेगा कार्यों में पूरी पारदर्शिता लाना चाहती है। अब श्रमिकों को कार्यस्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मोबाइल अनुप्रयोग के सामने अपना चेहरा स्कैन कराना होगा। इससे केवल वही श्रमिक हाजिरी दर्ज कर पाएंगे, जो वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद रहेंगे।
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी जगदीश पंडित ने तकनीकी जानकारी देते हुए मेटों को मोबाइल अनुप्रयोग के संचालन का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। उन्होंने बताया कि नए संस्करण में चेहरा पहचान की सुविधा जोड़ी गई है। साथ ही फोटो लेते समय पर्याप्त रोशनी और सही इंटरनेट सुविधा का ध्यान रखना आवश्यक है। उपस्थिति दर्ज करने के बाद जानकारी को पोर्टल पर समन्वयित करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड के दर्जनों श्रमिक और मेट मौजूद रहे। इस दौरान मेटों ने अपनी समस्याएं और सवाल भी रखे, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया। नई व्यवस्था लागू होने से भुगतान प्रक्रिया में तेजी आने और मस्टरोल में होने वाली गड़बड़ियों के समाप्त होने की उम्मीद जताई गई। मौके पर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी जगदीश पंडित, अनूप कुमार सहित अन्य मौजूद थे।

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