लंबित म्यूटेशन मामलों और भू-अर्जन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, उपायुक्त ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
शुक्रवार, 8 मई 2026
Comment
पाकुड़: उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, परिशोधन, ई-रेवेन्यू कोर्ट, जीएम लैंड, भू-अर्जन तथा आपदा से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने लंबित म्यूटेशन आवेदनों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही म्यूटेशन रिजेक्ट होने के कारणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा सक्सेशन म्यूटेशन मामलों में भी तेजी लाने को कहा गया।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी लाइन विभाग किसी सरकारी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व संबंधित अंचलाधिकारी से भूमि संबंधी एनओसी अवश्य प्राप्त करे। बिना एनओसी के किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीं किया जाए। इसके अलावा मोटर प्रशिक्षण विद्यालय के लिए उपयुक्त भूमि चयन करने का निर्देश भी संबंधित अंचलाधिकारियों को दिया गया।
आपदा से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सहायता उपलब्ध कराने से पूर्व सभी दस्तावेजों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए। उन्होंने प्रधान एवं परगनैत के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को जल्द भरना आवश्यक है।
गोचर भूमि पर अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराना संबंधित अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी है। साथ ही जीएम लैंड के डिमार्केशन कार्य में तेजी लाने तथा परिशोधन मामलों के निष्पादन में सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान भू-अर्जन से संबंधित कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। एनएच-333ए धरमपुर मोड़–पाकुड़ परियोजना में तेजी लाने को लेकर उन्होंने कहा कि जिन मौजों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
उपायुक्त ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लंबित मामलों की नियमित सुनवाई कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सड़क निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान प्रक्रिया को तेज करने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रभावित रैयतों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित मौजों में लगातार शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि लंबित मामलों का त्वरित समाधान हो सके।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण कार्यों में तेजी लाना अत्यंत आवश्यक है।
0 Response to "लंबित म्यूटेशन मामलों और भू-अर्जन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, उपायुक्त ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी"
एक टिप्पणी भेजें