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जामा मस्जिद पाकुड़िया में सीरत-ए-नबी कार्यक्रम, बच्चों ने नात-ए-पाक और कुरआन की तिलावत से बांधा समां

जामा मस्जिद पाकुड़िया में सीरत-ए-नबी कार्यक्रम, बच्चों ने नात-ए-पाक और कुरआन की तिलावत से बांधा समां

पाकुड़िया : प्रखंड मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद पाकुड़िया में बुधवार को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद मुस्तफा की विलादत एवं वफात की याद में सीरत-ए-नबी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मगरिब की नमाज के बाद शुरू हुआ और रात करीब 9:30 बजे मुल्क एवं समाज में अमन-चैन की विशेष दुआ के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहौल बना रहा।

कार्यक्रम में मदरसा इस्लामिया तजवीदुल कुरआन में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बच्चों ने नात-ए-पाक पेश करने के साथ कुरआन की आयतों की तिलावत की। इसके साथ ही उन्होंने हजरत मुहम्मद मुस्तफा की सुन्नत और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए इंसानियत, भाईचारे तथा नेक रास्ते पर चलने का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों से उपस्थित लोग भाव-विभोर नजर आए।

इस दौरान वक्ताओं ने हजरत मुहम्मद मुस्तफा की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पूरी इंसानियत को दया, न्याय, भाईचारे, आपसी सौहार्द और नेक रास्ते पर चलने का संदेश दिया। वक्ताओं ने उनकी विलादत और वफात से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर भी प्रकाश डाला। बताया गया कि हजरत मुहम्मद मुस्तफा की विलादत मक्का मुकर्रमा में हुई थी और उनकी वफात मदीना मुनव्वरा में हुई। इस्लामी इतिहास के अनुसार, उनकी विलादत एवं वफात 12 रबीउल अव्वल, 11 हिजरी को हुई थी।

कार्यक्रम की देखरेख जामा मस्जिद पाकुड़िया के इमाम मुफ्ती नूर आलम एवं हाफिज रिजवान अंसारी ने की। उन्होंने बच्चों को नबी-ए-करीम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेने की सीख दी। साथ ही समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें कॉपी और कलम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुल्क एवं समाज में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के साथ सभी लोगों की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई।

इस अवसर पर नाईब इमाम हाफिज मुबारक हुसैन, मो. मोताहर हुसैन, हाफिज अहमद, इस्माइल मियां, शफीक अंसारी, अलीमुद्दीन अंसारी, मो. फारुक अहमद, यादरसुल अंसारी, तौहीद अंसारी, हाफिज शाहजहां, रोनू अंसारी, कसीमुद्दीन अंसारी, मेहबूब आलम, महमूद आलम, अब्दुल जब्बार अंसारी, हबीबुल्लाह अंसारी, बशारत मियां, सफारुद्दीन मियां, इकराम अंसारी, जहांगीर आलम, अजीजुल्लाह अंसारी, सफवान अहमद, अमजद अंसारी सहित जामा मस्जिद कमिटी के सदस्य एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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