जागृति योजना के तहत युवाओं को दी गई कानूनी जानकारी, मौलिक अधिकारों से लेकर साइबर सुरक्षा तक किया जागरूक
रविवार, 30 अगस्त 2026
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पाकुड़ : झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में अगस्त माह के दौरान जागृति योजना 2025 के तहत युवाओं के लिए कानूनी साक्षरता एवं युवा सशक्तिकरण सत्र का आयोजन किया जाता रहा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को कानूनी अधिकारों, किशोर न्याय और न्याय तक पहुंच के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में पाकुड़ प्रखंड स्थित एंडेवर एकेडमी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देना, किशोर न्याय व्यवस्था की जानकारी देना तथा उन्हें न्याय तक पहुंच के लिए सक्षम बनाना रहा। शिविर में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता प्रणाली के उप प्रमुख मो. नुकुमुद्दीन शेख, एंडेवर एकेडमी के शिक्षक मो. समीर अहमद, पीसीआई-यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मो. अनीस अंसारी, एंडेवर एकेडमी के प्रिंस प्रकाश एवं उदय कुमार तथा पैरा विधिक स्वयंसेवक नीरज कुमार राउत की सक्रिय भूमिका रही।
विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता प्रणाली के उप प्रमुख मो. नुकुमुद्दीन शेख ने विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, कानून की विभिन्न धाराओं, अनुच्छेदों तथा अपराधों में निर्धारित सजा के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को संवैधानिक अधिकारों, कानूनी साक्षरता, डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर कानून, बुनियादी कानूनी अधिकार और अपराध की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सेवाओं तक पहुंचने की प्रक्रिया के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी रखना बेहद जरूरी है।
एंडेवर एकेडमी के शिक्षक मो. समीर अहमद ने कहा कि युवाओं के लिए अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ कानूनी रूप से मजबूत होना आवश्यक है। इससे वे स्वयं के साथ-साथ अपने समाज और आसपास के लोगों को भी उनके अधिकारों तथा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से सामाजिक कुरीतियों से बाहर निकलने तथा क्षेत्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
पीसीआई-यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मो. अनीश अंसारी ने “दो गुब्बारों की सीख” के माध्यम से माता-पिता और बच्चों के बीच सकारात्मक संवाद एवं बेहतर समझ का संदेश दिया। उन्होंने उदाहरण के माध्यम से समझाया कि बच्चे के मन और मस्तिष्क में जिस प्रकार के विचार, व्यवहार और अनुभव विकसित होते हैं, उनका प्रभाव आगे चलकर उसके व्यक्तित्व और व्यवहार में दिखाई देता है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को सकारात्मक सोच एवं बेहतर व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति को लेकर भी विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता शिविर के माध्यम से युवाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, अपराध रोकथाम, किशोर न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं ने भी कानूनी विषयों को लेकर जानकारी प्राप्त की और जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की।
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