138 आदि सेवा केंद्रों का पंजीकरण अब भी बाकी, 15 नवंबर तक पूरा करने की समयसीमा; छात्रवृत्ति भुगतान पर भी उपायुक्त सख्त
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
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पाकुड़ : जनजातीय समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और गांव स्तर पर सरकारी सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने आदि कर्मयोगी अभियान को गति देने की पहल की है। जिले में 511 आदि सेवा केंद्रों के निर्माण एवं पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक 373 केंद्रों का ही पंजीकरण पूरा हो सका है। शेष 138 केंद्रों का पंजीकरण 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने दिया है।
शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में आईटीडीए एवं कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जनजातीय समुदायों, विशेषकर आदिम जनजातीय समूहों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि आदि सेवा केंद्र जनजातीय समुदायों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ ग्राम स्तर पर जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। इसके लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाने, पात्र लोगों की पहचान करने और दस्तावेज संबंधी समस्याओं का समाधान करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
*चार वित्तीय वर्षों की छात्रवृत्ति का मांगा हिसाब*
बैठक में प्री मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक प्रत्येक वर्ष किए गए छात्रवृत्ति भुगतान और लंबित मामलों का विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिलना चाहिए और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जाए।
*साइकिल वितरण से लेकर वन पट्टा और छात्रावास निर्माण तक की समीक्षा*
इसके अलावा साइकिल वितरण योजना, वन पट्टा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सहायता, जाहेरस्थान घेराबंदी, कब्रिस्तान घेराबंदी तथा अल्पसंख्यक छात्रावास निर्माण सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें और योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करें। साथ ही लाभुकों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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